झारखंड सीडीपीओ भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, मदरसा और संस्कृत स्कूलों की आर्थिक मदद भी हुई दोगुनी

73 / 100

झारखंड: झारखंड सीडीपीओ भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, मदरसा और संस्कृत स्कूलों की आर्थिक मदद भी हुई दोगुनी
शिक्षा:

झारखंड सरकार ने मंगलवार को झारखंड सीडीपीओ भर्ती में बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) की भर्ती के लिए परीक्षा पैटर्न में बदलाव को मंजूरी दे दी।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल)
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल) – फोटो : फेसबुक/हेमंत सोरेन
विस्तार
झारखंड सीडीपीओ भर्ती परीक्षा पैटर्न बदला: झारखंड सरकार ने मंगलवार को बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) की भर्ती के लिए परीक्षा पैटर्न में बदलाव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि झारखंड बाल विकास परियोजना अधिकारी सेवा/संवर्ग (भर्ती, पदोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) (संशोधन) नियमावली, 2022 के गठन को मंजूरी दे दी गयी है.
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सीडीपीओ की भर्ती में बदलाव में सामान्य अध्ययन के दो पेपर शामिल हैं. 150-150 अंक के एक पेपर की जगह अब 100 अंक का पेपर होगा। उन्होंने कहा कि अब इंटरव्यू भी 100 अंकों का होगा।
33 संस्कृत विद्यालयों तथा 46 मदरसों तथा दो हजार शिक्षकों को लाभ मिलेगा
इसके अलावा, कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से मदरसों और संस्कृत स्कूलों को वित्तीय सहायता दोगुनी करने की भी मंजूरी दी है। अधिकारियों ने कहा कि यह 33 संस्कृत स्कूलों और 46 मदरसों को कवर करेगा और लगभग 2,000 शिक्षक इससे लाभान्वित होंगे। कैबिनेट ने प्रवासी श्रमिक के शव को उसके गृह स्थान तक लाने के लिए अनुकंपा या अनुग्रह राशि में वृद्धि को भी मंजूरी दी। सरकार ऐसे मृत मजदूरों के परिवार को 25 हजार रुपये की अनुकम्पा राशि का भुगतान करेगी।

Leave a Reply

Read in English